पिछ्ले दिनों अमित ने एक लेख लिखा था याहू और गुगल के मोबाइल क्षेत्र मे घमासान का, जैसा कि जाहिर था उनके लगाये गये चित्रों से, कि Nokia के मोबाइल पर हिन्दी के स्थान पर बक्से ([]) दिखते हैं।
बक्से से याद आया एक बार किसी को मैं जी मेल गप-शप मे हिंदी मे लिख रहा था, वे बोलीं ये बक्से क्यों भेज रहे हैं, मामला समझ कर हमने भी कह दिया, दिवाली आने वाली है इसलिये मिठाई के डिब्बे भेज रहा हूँ।
पिछले दिनों मैने एक Smart Phone खरीदा था HP का iPaq 6915, बहुत उम्मीदें लगा रखीं थी मैने, जैसा कि कोई भी लगा सकता है, यहाँ पर Flash Presentation देखने के बाद।
पर वो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा…क्यों? ये भी जल्दी ही बतायेंगे।
मानी बात है कि यूनि-कूटित हिन्दी अक्षर मै उस पर भी नही देख सका, क्योकि केवल Font install करना काफ़ी नहीं था।
पिछले नवम्बर मे मैने Sony Ericsson W 300i फोन भी खरीदा, हांलांकि मेरे पास पहले से ही Sony Ericcsson K 700i है और SE 508i भी थोडे दिन प्रयोग किया था जिसका भी बहुत अच्छा अनुभव रहा। मेरा पहला फोन जो अब माँ के पास है, SE T230 अब भी मुझे बहुत प्रिय है। W300i मैने इसलिये खरीदा क्योंकि K700i की Joystic समस्या कर रही थी,
साथ ही मुझे एक फ़्लिप फोन (Clam Shell) Expandabe Memory के साथ लेने की भी इच्छा थी, और ये Model मुनासिब दामों मे उपलब्ध था।
पहले से मुझे नही पता था कि इस पर हिन्दी के Web Pages देखे जा सकते हैं, मैने Bluetooth के माध्यम से कुछ हिन्दी गीत फोन मे डाले और उनको व्यवस्थित कर रहा था तभी कुछ गीतों के शीर्षक मुझे हिन्दी मे दिखे।
बहुत प्रसन्नता हुई, फ़िर मैने एक साधारण सी .html डालकर देखी ये भी हिन्दी मे दिख रही थी, और फ़िर Web browsing भी की, अपने गुगल पेज की साइट देखी सब जगह हिन्दी दिख रही थी, बस एक ही समस्या थी..
जो कि आप के सामने है। समस्या छोटी नही है..
लेकिन बहुत बडी भी नही है।
ये प्रविष्टि (प्रविष्टी, नहीं) सञ्जय बेन्गाणी को समर्पित है जिनकी टिप्पणी यहाँ पर देखकर मुझे ये सब लिखना पड़ा
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सभी तस्वीरें 4MP आकार में मेरे फ़्लिकर पृष्ठ पर हैं।
चलते चलते: अमित ने अगर मेरी सलाह मानकर Sony Ericsson खरीदा होता तो शायद और खुश होते
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2 comments
Leo Toyne says:
January 29, 2010 at 2:41 am (UTC 0)
Alot of bloggers are not really pleased with this new iPad.There was just 2 much hype about it and alot blogers got disapointed.You see, I actually see lots of the awesome potential uses of this gadget. Third-party soft for composing tunes, games, papers and magazine and FFS books, all kinds of neat stuff, but IMHO they just didn’t really sell it very well (excluding the books). It feels rather not finished
Jeanelle Mulaney says:
January 17, 2011 at 4:57 pm (UTC 0)
The article is in actuality the excellent on this worthy topic. I fit in together along with your conclusions and looking out forward to your coming updates. Simply saying many thanks is not going to simply be enough, for that fantastic readability inside your writing. I’ve grabbed your rss feed to remain knowledgeable of any updates. Gratifying job and loads success in your company dealings!