आपने आनंदमठ तो ज़रूर पढ़ा होगा? नहीं पढ़ा? तो शायद फ़िल्म देखी होगी? कम से कम वंदे मातरम् तो ज़रूर पढ़ा-सुना होगा। मुझे दोनों ही सौभाग्य प्राप्त हुए हैं। यहां संगीत की बात होती है इसलिये उपन्यास को अभी भूल जाते हैं और ज़रा इस उपन्यास पर बनी फ़िल्म और इस फ़िल्म के एक गाने …
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Aug 31
आदमी की पीर गूंगी ही सही गाती तो है..
याद आए दुष्यंत – प्रेमचंद सहजवालादुष्यंत कुमारदेश में आपातकाल का समय था. सब जगह प्रतिबन्ध. गुरुदत्त जैसे वयोवृद्ध साहित्यकार जो लिखना छोड़ जीवन के अन्तिम दिन गिन रहे थे, न कानों में सुनने की शक्ति बची थी न आँखों में देखने की रौशनी. पर रात ढाई बजे अचानक पुलिस आती है और उन्हें गिरफ्तार करती …
Aug 28
रिश्ते और 24 कविताएँ
काव्य-पल्लवन सामूहिक कविता-लेखनविषय – रिश्तेविषय-चयन – HCअंक – सत्रहमाह – अगस्त २००८इस दुनिया की छोटी से छोटी ईकाई भी अपना पृथक अस्तित्व रखती है, लेकिन वहीं उसका ब्रह्माण्ड की शेष-सत्ता से विशिष्ट सम्बंध भी है। मनुष्य का जीवन भी इन्हीं विशिष्ट और विविध रिश्तों से पटा हुआ है। एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से सम्बन्ध …
Aug 28
कविता वैसी कुछ खास चीज नहीं है ( एक नेपाली कविता )
रमेश श्रेष्ठ की नेपाली कविता ‘कविता-उत्सव’हिन्द-युग्म के अनुवादक (नेपाली से हिन्दी) कुमुद अधिकारी की व्यस्तता के कारण हम पिछले कई माहों से कोई नेपाली कविता नहीं प्रस्तुत कर सके। इंतज़ार काफी लम्बा हो गया था, लेकिन आज कुमुद अधिकारी एक नेपाली कविता ‘कविता उत्सव’ लेकर प्रस्तुत हैं जिसके रचनाकार है रमेश श्रेष्ठ।रमेश श्रेष्ठः एक परिचयपोखरा …
Aug 26
Bihar me naukree
[ बिहार मे नौकरी ]बिहार मे जल्दीए बड़का स्तर पर सरकारी नौकरी वैकेंसी निकलय वाला अछि. किछ दिन पहिने त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी कहनेहे छलखिन्ह जे करीब एक लाख शिक्षक के बहाली कएल जाएत. आब एकरे संग- संग डॉक्टर… इंजीनियर… सचिवालय सहायक… लाइब्रेरियन… दरोगा के बहाली कएल जाएत. ई नहिं अछि जे सभ के …
Aug 25
चिरौरी छोड़ो, सवाल पूछो!
स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने अनगिनत बलिदानों से हमें आजादी दिलायी, हमें अपने देश का मालिक बनाया। लेकिन, दुर्भाग्यवश हम अभी भी अपनी गुलाम मानसिकता से उबर नहीं पाए हैं। जो नौकरशाही हमारी सेवा के लिए बनी है, उसे हम साहब बनाकर ढोए जा रहे हैं, उसकी जी हुजुरी में दिन-रात एक किए रहते हैं। इसे …
Aug 23
सावधान, खबरदार – ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में भी कॉपीराइट होता है
इस चिट्ठी में बताया गया है कि ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में किस तरह से कॉपीराइट होता है।’ऐं..? उन्मुक्त जी, यह क्या कह रहे हैं – ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में भी कॉपीराइट। सब ठीक ठाक तो है न’ प्रत्येक ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर कॉपीलेफ्टेड होता है पर अलग अलग लाइसेंस में इसका स्तर अलग अलग होता है। …
Aug 23
मुक्त बाज़ार के महात्मा कब आयेंगे?
राजनैतिक आज़ादी की अभिजात संकल्पना को गाँधीजी ने सरल रूप देकर जन आंदोलन बनाया और देश को आजादी दिलाई। नितिन पई मानते हैं कि एक शताब्दी पश्चात भारत को आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये हमें महात्मा गाँधी की दुबारा ज़रुरत है।
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