राम चन्द्र मिश्र का हिन्दी जाल स्थल वर्ड प्रेस के सहयोग से। Best Viewd in FireFox & Chrome Browsers
  • Sep
    11

    आज मैने गुगल के बीटा अप्लिकेशन गुगल नॉल पर अपना पहला नॉल हिन्दी में लिखा।

    गुगल  नॉल के बारे मे पहले भी काफ़ी लिखा जा चुका है, इसलिये आप चाहें तो अभी पंजीकरण करके नॉल लिखना प्रारम्भ कर सकते हैं।

    Sign In यहाँ पर करें और शुरुआत करने से पहले इस कड़ी पर अवश्य जायें।

    ये पहला हिन्दी नॉल लिखने की प्रेरणा मुझे विस्फोट पर प्रकाशित आलोक तोमर के इस लेख और टिप्पणियों से मिली।

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  • Jun
    17

    नारद को किसी ब्लॉग को बिना किसी पूर्वसूचना या व्याख्या के हटाने का अधिकार है। क्योंकि नारद मात्र एक Feed Aggregator  है,  और लोगों को भ्रम है नारद मे लोकतन्त्र का।

    नारद [नारद. अक्षरग्राम.कॉम] के प्रति लोगों का अविश्वास, दोषारोपण आदि हास्यास्पद है। क्योंकि नारद एक फ़ीड संकलक है। ये भी एक भ्रम है, यहाँ तक कि, इस सवाल पर कि, एक वाक्य मे नारद का उद्देश्य क्या है? नारद की ओर से एक जिम्मेदार प्रवक्ता ने नारद को मात्र एक संकलक बताया। पर मुझे ऐसा नही लगता।

    नारद के प्रति अभिव्यक्ति की स्वन्त्रता की दुहाई देना, मौलिक अधिकारों आदि की बात करना भी मूर्खता है, क्योंकि नारद लोक-तन्त्र नही है। नारद पर लोकतन्त्र नही हो सकता है।

    और भी फ़ीड संकलक हैं, अब नारद ही पर इतना विवाद क्यों:

    मात्र इसलिये कि नारद पॉपुलर है नारद के पास एक अदृश्य शक्ति है, सब उसका उपयोग करना चाहते हैं, निजी स्वार्थों तक के लिये, जैसा कि मै भी करता हूँ। इसलिये कि नारद हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये बना है। नारद पर आने के लिये मामूली सी शर्त ये कि आप हिन्दी मे लिखते हैं। आपने एक बार पञ्जीकृत होने के बाद, इसका महत्त्व समझ लिया। एक हिन्दी ब्लॉगर को एक सम्पूर्ण समुदाय मिल गया। अब उसको जो अच्छा लगा, लिखना शुरू कर दिया, उत्साह पूर्वक, क्योकि पता है कि लिखने के बाद कुछ सौ लोगों की निगाह तो उस पर (कम से कम शीर्षक पर) पड़ेगी ही (वास्तव मे ऐसा हो या न हो)।

    नारद पर लिखा है

    नारद पर आपका स्वागत है। नारद आवाज है हिन्दी चिट्टों की। हिन्दी चिट्ठों को देखने का एकमात्र स्थान। नारद आपका अपना वैब स्थल है, इसे बनाने और सजाने संवारने के लिये आपके सुझावों और आलोचनाओं का हार्दिक स्वागत है।

    यह सत्य नही है, क्यों कि इस मे व्याकरण, भाषा एवं तथ्य की गलतियाँ हैं। ये नारद के पृष्ठ से जुड़े लोगों का अपना मामला है, मुझे इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ता इसलिये मैं विरोध नही करता,  HindiBlogs.Com  को विरोध करने का अधिकार है, क्योकि वह एक व्यावसायिक स्थल (जैसा) है, शायद अभी तक नही किया गया इसलिये कि नारद अव्यावसायिक है लेकिन इसके अतिरिक्त भी कुछ कारण अवश्य हैं।  फ़िर भी बहुत से लोग इस झाँसे मे आ ही जाते हैं कि नारद ऐसा एक मात्र स्थान है :)

    अभी अभी एक पोस्ट आयी है

    नारद अब जर्मनी बन गया है और उसे लोग तानाशाह। कल को मैं भी कुछ लिखूंगा और नारद जी मुझे भी बाहर कर देंगे। मैं नारद के कारण नही हूँ और न ही मुझे नारद के कारण समझा जाय। नारद के लोग जो चाहे मन मानी करें लेकिन मुझे बख्श दें । नारद जी , मुझे भी आप माफ़ ही करें। मैं भी आपके निर्णय से असहमत हूँ। विरोध स्वरूप मेरा चिठ्ठा भी आप अपने यहाँ से बाहर कर दें।

    तानाशाह अब बन गया है, इसका मतलब पहले नही था, मतलब पहले लोकतन्त्र था नारद मे(?)।

    मैं यहाँ सेंसर शिप लगवाने नही आया। जो मन करेगा लिखूंगा और नही मन करेगा तो नही लिखूंगा। आख़िर चिठ्ठा किसी की निजी सम्पत्ति होती है और उसमे हस्तक्षेप का अधिकार नारद क्या ब्रम्हा को भी नही दिया जा सकता ।

    हास्यास्पद! क्या नारद सेंसरशिप लगा सकता है? किसी के मन को कुछ लिखने से रोक सकता है, या हस्तक्षेप कर सकता है? चिट्ठा निजी सम्पत्ति है, ये सही कहा है।

    जब हम या आप अपने चिट्ठे पर नारद के प्रति कुछ भी लिखने से पहले, उसके पीछे के व्यक्ति के बारे मे नही सोचते तो नारद मुनि के ऐसा संदेश लिखने पर क्यो आहत महसूस करते हैं?

    Narad Muni said…
    यदि आप अपना ब्लॉग नारद से हटवाना चाहते है, तो इत्ती बड़ी पोस्ट लिखने की आवश्यकता नही थी, बस एक इमेल लिख देते, कि आपके ब्लॉग को नारद से हटा दिया जाए।

    पता नही क्यों पहले या कभी भी या अब भी, लोग न

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  • Jun
    1

    वर्डप्रेस की अपेक्षा (जहाँ प्रविष्टि पृष्ठ पर ही कमेन्ट फ़ार्म होता है) ब्लागर ब्लाग्स पर (क्लिक करके पॉप-अप या नयी खिड़की खुलने का इन्तज़ार) टिप्पणी करना थोडा अरुचिकर होता है, उस पर से अगर किसी ने वर्ड वेरीफ़िकेशन लगा रखा हो तो कभी-कभी, टिप्पणी की इच्छा समाप्त हो जाती है।

    अभी-अभी पता चला है कि आप अपने टिप्पणीकर्ता के लिये एक मधुर संदेश उपलब्ध करा सकते हैं, जो कि टिप्पणी-कर्ता को एक बढिया टिप्पणी के लिये प्रेरित भी कर सकता है।

    एक बात और कि आप ये संदेश अपनी हर प्रविष्टि के लिये, अलग अलग रख सकते हैं। आपको करना बस इतना है कि, प्रविष्टि पब्लिश करने के बाद, एक बढिया सा संदेश भावी टिप्पणी कर्ताओं के लिये लिख छोड़ना है।

    ये संदेश सादा टेक्स्ट न होकर बढि़या html फ़ॉरमैटेड भी बना सकते हैं।

    अधिक जानकारी के लिये नीचे स्क्रीन शाट देखें।

    Comment Form Message

    ये भी हो सकता है कि जिनका मूड टिप्पणी करने का न भी बन रहा हो वो भी आपका मस्त-मधुर संदेश देखने के लिये ही टिप्पणी के लिन्क पर क्लिक कर दें और फ़िर आपने ज्यादा बंदिशें न लगा रखीं हो तो बोनस मे टिप्पणी ही मिल जाये।

    तो अब काल्ह करै सो आज कर आज करै सो अब के अनुसार अभी शुरू हो जाइए।

    Form Message

    अब देखना ये है कि कौन कितनी क्रियात्मकता प्रदर्शित करता है, अपने प्रिय टिप्पणीकारों के लिये।

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  • Dec
    3

    152 Comments

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