चिट्ठा चर्चा पर एक अर्जेन्ट पोस्ट डाली गयी है। और यहॉं हम सब ने मिलकर धुरविरोधी की हत्या कर दी- जब विरोध का दम घुटता है तो धुरविरोधी को मरना ही पड़ता है। उक्त पोस्ट पर मैने अपने टिप्पणी कर दी है, जिसका उत्तर भी मिल गया है। भावनाओं को एक हथियार के रूप मे …

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