Monthly Archive: June 2007

Jun
19

अध्याय २: श्लोक २१-२२ । मृत्यु का रहस्य

Chapter 2: Verse 21-22 विषय: मृत्यु का रहस्य Subject: Mystery of Death वेदाविनाशिनं नित्यं य एनमजमव्ययम्। कथं स पुरुषः पार्थ कं घातयति हन्ति कम्॥२१॥ वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि। तथा शरीराणि विहाय जीर्णानि अन्यानि संयाति नवानि देही॥२२॥ O Partha, who so ever considers this soul everlasting, eternal, unborn and imperishable, knows who slays …

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Jun
18

दुनिया की सबसे लंबी (तीसरी) रेल सुरंग का निर्माण पूरा।

ज़मीन पर दुनिया की सबसे लंबी रेल सुरंग सिवट्जरलैंड में बन कर तैयार हो गयी है। आठ साल में बन कर तैयार हुई करीब पैतीस किलोमीटर लंबी ये सुरंग आल्पस पर्वत को चीरती हुई जाएगी। लंबाई में इससे बड़ी दो ही सुरंगे हैं एक जापान में समुद्र के भीतर से गुज़रने वाली करीब 54 किलोमीटर …

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Jun
17

धुरविरोधी, भावुकता और तकनीक।

चिट्ठा चर्चा पर एक अर्जेन्ट पोस्ट डाली गयी है। और यहॉं हम सब ने मिलकर धुरविरोधी की हत्‍या कर दी- जब विरोध का दम घुटता है तो धुरविरोधी को मरना ही पड़ता है। उक्त पोस्ट पर मैने अपने टिप्पणी कर दी है, जिसका उत्तर भी मिल गया है। भावनाओं को एक हथियार के रूप मे …

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