राम चन्द्र मिश्र का हिन्दी जाल स्थल
वर्ड प्रेस के सहयोग से। Best Viewd in FireFox & Chrome Browsers
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May31
Show your Blogs & Feeds in ORKUT!
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Another reason for joining orkut!
दोस्तों, गुगल और ओरकट लेकर आये हैं एक बिल्कुल नया तरीका आपके ब्लॉग के प्रचार प्रसार का।
सोशल नेट्वर्किन्ग के क्षेत्र मे सबसे आगे रहने वाली गुगल की साइट ओरकट ने सुविधा प्रदान की है आप्के प्रोफ़ाइल के साथ अपनी पांच पसन्दीदा फ़ीड दिखा सकते हैं।
अगर आप ब्लॉगस्पाट पर लिखते हैं,और वही गुगल खाता ओर्कट के लिये भी प्रयोग करते हैं तो उस ओप्शन [edit feeds] पर क्लिक करते ही ये आपको आपके ब्लॉग और पिकासा वेब अलबम की फ़ीड को तुरन्त जोड़्ने का मौका देगा।यदि आप वर्डप्रेस पर लिखते हैं और आपके फोटो फ़्लिकर या फोटोलॉग पर हैं तब भी आप फ़ीड यू आर एल डालकर ये काम कर सकते हैं।
तो अब देर किस बात की अगर आप ओरकट पर हैं तो अपनी प्रोफ़ाइल को अपने पसन्दीदा फीड्स से साजाइये, और अगर गुगल की ये तरकीब आपको प्रभावित करती है तो आप भी ओरकट ज्वाइन कीजिये, किसी के बुलावे की अब आवश्यकता नही रही।
Friends, Google has put another step forward in making orkut beautiful and keeping it ahead of the other social networking site.
Google has just launched the option for orkut users to show his own or favourite feeds in the side bar.
It automatically shows the list of available feeds that are connected to your google account.
Moreover you can add the feeds of you Blogs at Wordpress or any other platform.
You can add upto 5 feeds of your interest, be it of your favourite blog, Photo sharing service or any other regulalry updating webpages.
So, what r u wawiting 4 , just add the feed on your profile and increase the girth of your social circle.
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May29
-:Castelraimondo-Camerino-:I
Filed under: Travel;No Comments‘कस्तेलरायमोन्दो’ कामेरिनो से १० किमी दूर मार्के (Marche) रीजन के माचेराता (Macerata, MC) प्रदेश का एक छोटा सा ‘चित्ता’ (Citta, शहर) है।
कामेरिनो से बाहर जाने के लिये ट्रेन यहीं से मिलती है, हर आने जाने वाली रेल से जुड़ी है कोन्त्रम की बस सेवा। इसलिये यहाँ के रेलवे स्टेशन का नाम है Castelraimondo-Camerino, स्टेशन के पास ही है इस शहर का चेन्त्रो (Centro) जो कि एक ऊंची मीनार से शोभायमान है, इसको कास्सेरो नाम से जाना जाता है और जो कि १२३७ मे बनाया गया था।हम, शनिवार को जेन्गा, ग्रोत्ते दि फ़्रासासी और फाब्रियानो से घूमकर वापस लौट रहे थे तो उस समय के प्राकृतिक प्रकाश मे ये कास्सेरो बहुत भव्य लग रहा था।
नीचे की तस्वीर मे इस शहर का एक बड़ा भाग रेलवे लाइन के दूसरी तरफ़ से।
इस तस्वीर मे नज़र आता दूर पहाड़ी पर बसा शहर ही ‘कामेरिनो’ है। बायीं तरफ़ दिख रहा टावर पहली वाली तस्वीर मे है।
दो अन्य तस्वीरों के लिये मई २००५ मे यहाँ पर रह चुके जार्ज का आभार।
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May23No Comments
ہِندی اُردُو ٹرانسلِٹریٹر
پِچھلی پوسٹ مے مینے اُردُو پڈھنے کی تمنّا جاہِر کی تھی، آج سُبہ یاد آیا کِ بہُت پہلے پرتیک پانڈیے کا ایک اُردُو بلاگ ہُآ کرتا تھا، جاںچ پڑتال سے مالُوم ہُآ کِ وو اِس اؤجار کا ّپریوگ کرتے ہیں۔ مُجھے یے تو نہی پتا کِ یے کِتنا کارگر ہے، جانکاروں سے (میری جانکارے مے، رمن کؤل جی اؤر شُایب سے) گُجارِش ہے کِ وے اِسے آجمایّں اؤر اَپنی راے جاہِر کریں ۔ رمن جی کے کمینٹ سے میں سہمت ہُوں ّکِ اُردُو سے ہِندی ٹرانسلِٹریٹر بنانا مُشکِل ہے جیسا کِ سنجیت اؤر پیُّوش نے بھی بتایا، ساتھ ہی روِ جی سے بھی کِ اَسمبھو کُچھ بھی نہی۔ اَبھی مُجھے یاد نہی کِ یے اؤزار مینے کہاں سے ڈاُّن لوڈ کِیا تھا، شاید پرتیک کو یاد ہو۔ یدِ آپ مے سے کوئی اِسکا پریوگ کرنا چاہتا ہو تو مُجھے لِکھے مے اُنکو یے بھیج دُوںگا۔ پِچھلی پوسٹ پر اَپنے وِچار رکھنے کے لِیے آپ سب کا شُکرِیا۔
हिन्दी उर्दू ट्रान्सलिटरेटर:
पिछली पोस्ट मे मैने उर्दू पढने की तमन्ना जाहिर की थी, आज सुबह याद आया कि बहुत पहले प्रतीक पाण्डेय का एक उर्दू ब्लॉग हुआ करता था| जाँच पड़ताल से मालूम हुआ कि वो इस औजार का प्रयोग करते हैं। मुझे ये तो नही पता कि ये कितना कारगर है, जानकारों से (मेरी जानकारे मे, रमन कौल जी और शुऐब से) गुजारिश है कि वे इसे आजमायें और अपनी राय जाहिर करें । रमण जी के कमेण्ट से मैं सहमत हूं कि उर्दू से हिन्दी ट्रान्सलिटरेटर बनाना मुश्किल है जैसा कि सन्जीत और पीयूष ने भी बताया, साथ ही रवि जी से भी कि असम्भव कुछ भी नही। अभी मुझे याद नही कि ये औज़ार मैने कहाँ से डाउन-लोड किया था, शायद प्रतीक को याद हो। यदि आप मे से कोई इसका प्रयोग करना चाहता हो तो मुझे लिखे मै उनको ये भेज दूँगा। पिछली पोस्ट पर अपने विचार रखने के लिये आप सब का शुक्रिया।
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May22No Comments
अब Bhomiyo.Com की सहायता से हिन्दी मे लिखे यूनिकोडित चिट्ठों को कई भारतीय भाषाओं मे पढा जा सकता है। ये बहुत ही सराहनीय योगदान है।
मुझे उर्दू पसन्द है क्योकि मै बचपन मे आकाशवाणी से प्रसारित उर्दू प्रोग्राम (रोज़ सुबह साढे आठ बजे, लखनऊ और अन्य रिले केन्द्रों से) और All India Radio की उर्दू सेवा का नियमित श्रोता रहा हूँ।
‘हिन्दी’ और ‘उर्दू’ के लिखने और पढ़ने में जितना अन्तर है उतनी ही समानता बोलने और समझने मे है। मेरी समझ से अन्य किन्ही भारतीय भाषाओं के बीच ऐसा रिश्ता नही है।
यदि भोमियो के X-literatio tool से ऐसा सम्भव हो सके तो हमारे लिये पढ़ने को एक पूरी नयी दुनिया जैसी खुल जायेगी साथ ही और भी, कि हम अपने पडोसियों से बेहतर संवाद कर सकेंगे, या इस तरह कहें कि अच्छी खबर रख सकेन्गे
।भोमियो के प्रयोग से मैने Roman में उर्दू पढ़ने के लिये प्रयास किया (www.shuaib.in/blog) जिसका Screen Shot यहाँ पर दे रहा हूँ।
मुझे तो रोमन मे पढ़्कर कुछ समझ नही आया, शायद इसलिये भी कि उर्दू दाहिने से बायें लिखते हैं।
यदि भोमियो की कुशल टीम इस दिशा मे प्रयत्न करे तो मै उनका बहुत आभारी रहूँगा।








