Wednesday, May 30, 2007

-:Castelraimondo-Camerino-:I

'कस्तेलरायमोन्दो' कामेरिनो से १० किमी दूर मार्के (Marche) रीजन के माचेराता (Macerata, MC) प्रदेश का एक छोटा सा 'चित्ता' (Citta, शहर) है।

कामेरिनो से बाहर जाने के लिये ट्रेन यहीं से मिलती है, हर आने जाने वाली रेल से जुड़ी है कोन्त्रम की बस सेवा। इसलिये यहाँ के रेलवे स्टेशन का नाम है Castelraimondo-Camerino, स्टेशन के पास ही है इस शहर का चेन्त्रो (Centro) जो कि एक ऊंची मीनार से शोभायमान है, इसको कास्सेरो नाम से जाना जाता है और जो कि १२३७ मे बनाया गया था।

Cassero of Castelraimondo

हम, शनिवार को जेन्गा, ग्रोत्ते दि फ़्रासासी और फाब्रियानो से घूमकर वापस लौट रहे थे तो उस समय के प्राकृतिक प्रकाश मे ये कास्सेरो बहुत भव्य लग रहा था।

नीचे की तस्वीर मे इस शहर का एक बड़ा भाग रेलवे लाइन के दूसरी तरफ़ से।

इस तस्वीर मे नज़र आता दूर पहाड़ी पर बसा शहर ही 'कामेरिनो' है। बायीं तरफ़ दिख रहा टावर पहली वाली तस्वीर मे है।

दो अन्य तस्वीरों के लिये मई २००५ मे यहाँ पर रह चुके जार्ज का आभार।

Wednesday, May 23, 2007

ہِندی اُردُو ٹرانسلِٹریٹر -Hindi-Urdu Transliterator

ہِندی اُردُو ٹرانسلِٹریٹر

 پِچھلی پوسٹ مے مینے اُردُو پڈھنے کی تمنّا جاہِر کی تھی، آج سُبہ یاد آیا کِ بہُت پہلے پرتیک پانڈیے کا ایک اُردُو بلاگ ہُآ کرتا تھا، جاںچ پڑتال سے مالُوم ہُآ کِ وو اِس اؤجار کا ّپریوگ کرتے ہیں۔ مُجھے یے تو نہی پتا کِ یے کِتنا کارگر ہے، جانکاروں سے (میری جانکارے مے، رمن کؤل جی اؤر شُایب سے) گُجارِش ہے کِ وے اِسے آجمایّں اؤر اَپنی راے جاہِر کریں ۔ رمن جی کے کمینٹ سے میں سہمت ہُوں ّکِ اُردُو سے ہِندی ٹرانسلِٹریٹر بنانا مُشکِل ہے جیسا کِ سنجیت اؤر پیُّوش نے بھی بتایا، ساتھ ہی روِ جی سے بھی کِ اَسمبھو کُچھ بھی نہی۔ اَبھی مُجھے یاد نہی کِ یے اؤزار مینے کہاں سے ڈاُّن لوڈ کِیا تھا، شاید پرتیک کو یاد ہو۔ یدِ آپ مے سے کوئی اِسکا پریوگ کرنا چاہتا ہو تو مُجھے لِکھے مے اُنکو یے بھیج دُوںگا۔ پِچھلی پوسٹ پر اَپنے وِچار رکھنے کے لِیے آپ سب کا شُکرِیا۔

 

Hindi-Urdu Transliteratar

हिन्दी उर्दू ट्रान्सलिटरेटर:

पिछली पोस्ट मे मैने उर्दू पढने की तमन्ना जाहिर की थी, आज सुबह याद आया कि बहुत पहले प्रतीक पाण्डेय का एक उर्दू ब्लॉग हुआ करता था| जाँच पड़ताल से मालूम हुआ कि वो इस औजार का प्रयोग करते हैं। मुझे ये तो नही पता कि ये कितना कारगर है, जानकारों से (मेरी जानकारे मे, रमन कौल जी और शुऐब से) गुजारिश है कि वे इसे आजमायें और अपनी राय जाहिर करें । रमण जी के कमेण्ट से मैं सहमत हूं कि उर्दू से हिन्दी ट्रान्सलिटरेटर बनाना मुश्किल है जैसा कि सन्जीत और पीयूष ने भी बताया, साथ ही रवि जी से भी कि असम्भव कुछ भी नही। अभी मुझे याद नही कि ये औज़ार मैने कहाँ से डाउन-लोड किया था, शायद प्रतीक को याद हो। यदि आप मे से कोई इसका प्रयोग करना चाहता हो तो मुझे लिखे मै उनको ये भेज दूँगा। पिछली पोस्ट पर अपने विचार रखने के लिये आप सब का शुक्रिया।

Tuesday, May 22, 2007

मैं उर्दू पढ़ना चाहता हूँ 'Bhomiyo.Com' से अनुरोध

अब Bhomiyo.Com की सहायता से हिन्दी मे लिखे यूनिकोडित चिट्ठों को कई भारतीय भाषाओं मे पढा जा सकता है। ये बहुत ही सराहनीय योगदान है।

मुझे उर्दू पसन्द है क्योकि मै बचपन मे आकाशवाणी से प्रसारित उर्दू प्रोग्राम (रोज़ सुबह साढे आठ बजे, लखनऊ और अन्य रिले केन्द्रों से) और All India Radio  की उर्दू सेवा का नियमित श्रोता रहा हूँ।

'हिन्दी' और 'उर्दू'  के लिखने  और पढ़ने में जितना अन्तर है उतनी ही समानता बोलने और समझने मे है। मेरी समझ से अन्य किन्ही भारतीय भाषाओं के बीच ऐसा रिश्ता नही है।

यदि भोमियो के X-literatio tool  से ऐसा सम्भव हो सके तो हमारे लिये पढ़ने को एक पूरी नयी दुनिया जैसी खुल जायेगी साथ ही और भी, कि हम अपने पडोसियों से बेहतर संवाद कर सकेंगे, या इस तरह कहें कि अच्छी खबर रख सकेन्गे :)।

भोमियो के प्रयोग से मैने Roman  में उर्दू पढ़ने के लिये प्रयास किया (www.shuaib.in/blog) जिसका Screen Shot यहाँ पर दे रहा हूँ।

Screen Shot Transliterated using Bhomiyo.com's Tool

Screen Shot Original

मुझे तो रोमन मे पढ़्कर कुछ समझ नही आया, शायद इसलिये भी कि उर्दू दाहिने से बायें लिखते हैं।

यदि भोमियो की कुशल टीम इस दिशा मे प्रयत्न करे तो मै उनका बहुत आभारी रहूँगा।