राम चन्द्र मिश्र का हिन्दी जाल स्थल वर्ड प्रेस के सहयोग से। Best Viewd in FireFox & Chrome Browsers
  • Apr
    17

    शाम-ए-गज़ल:~:Hindi PodCast

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    डॉ. सरताज तबस्सुम अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय में रसायन शास्त्र के युवा प्रोफ़ेसर हैं। अक्टूबर २००५ से दिसम्बर २००५ तक प्रो. साहब UNICAM (University of Camerino, Camerino, Italy) मे बतौर Visiting Scientist रहे थे। इस दौरान हमने काफ़ी समय साथ साथ बिताया और इटली के प्रमुख नगरों की भी यात्रा की, वेनिस यात्रा का प्रो. सरताज द्वारा दिया गया विवरण आपने पढा़ होगा।

    समय कट रहा था, उन दिनों कामेरिनो मे हिन्दी/उर्दू बोलने-समझने वाले हम केवल तीन लोग थे, मेरे अलावा प्रो. साहब और शकील हुसैन (लाहौर, पाकिस्तान)। शकील से पहली मुलाकात भी बहुत रोचक थी।

    Threesome!

    अक्सर लैब से वापस आकर हम लोग मेरे या उनके कमरे पर  इकट्ठा होते तो साथ-साथ खाना-पीना होता और देश दुनिया की बातें तथा किस्से कहानियाँ भी। 

    ऐसी ही एक शाम थी १८ दिसम्बर २००५ की, जो ’शाम-ए-गज़ल बन गयी।

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