राम चन्द्र मिश्र का हिन्दी जाल स्थल वर्ड प्रेस के सहयोग से। Best Viewd in FireFox & Chrome Browsers
  • Oct
    29

    मौत::एक और कविता है!

    Filed under: Uncategorized;

    मित्रों नमस्कार!
    इसलिये कि बहुत दिनो बाद कुछ लिख रहा हूँ।
    आजकल कुछ दिनो से लगता है, कुछ तो हुआ है क्योंकि हिन्दी ब्लाग जगत मे कविता लिखने पढ़ने का शौक जोरों पर है, यहाँ तक कि बहुत सारे ब्लागर तो टिप्पणियाँ भी इसी विधा मे करने लगे हैं।
    इसी धुन मे मैने अपनी एक मित्र को एक कविता सुना डाली तो अब अक्सर फ़रमाइश हो जाती है :(
    तभी पता चला कि श्वेता जी भी कवितायें लिखती है..तो लगे हाथों हमने भी फ़रमाइश कर डाली, कविता तो आ गयी इस आदेश के साथ कि
    Now u have to listen to me. That is I want ur detailed reaction about the poem, even if u dont like it. ok?
    अब समस्या थी यूनिकोडित करने की…शिवाजी फ़ाण्ट से, अभी तक मेरे पास ऐसा Software नही है, (शायद रवि जी के पास है)। सो मैने कुछ चट्के (Clicks) लगाये और .pdf बना के तैयार कर दिया। उनकी अनुमति से यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।

    No Comments

Leave a reply

Counter